रोहट का दुर्ग जोधपुर से मात्र ३० किलो मीटर जोधपुर पाली मार्ग पर है.यह एक छोटा गाँव है जो तेजी से फैलते जोधपुर की चपेट मैं शीध्र आने वाला है.दुर्ग के प्राचीर से सूर्यास्त का नज़ारा अदभुत है.यह दुर्ग एक हेरिटेज होटल है .विलियम डेरीयम्पल ने यहीं रह कर अपनी पुस्तक "सिटी ऑफ़ जिन्नस "की रचना की थी.मेडोना को भी यह जगह बहुत पसंद है.
अहा , ग्राम्य जीवन भी क्या है ...?re simple than village life...
Some true stories about village life
जोधपुर के आसपास ग्राम्य जीवन की झलकियाँ
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बुधवार, 23 सितंबर 2009
रोहट का दुर्ग
रोहट का दुर्ग जोधपुर से मात्र ३० किलो मीटर जोधपुर पाली मार्ग पर है.यह एक छोटा गाँव है जो तेजी से फैलते जोधपुर की चपेट मैं शीध्र आने वाला है.दुर्ग के प्राचीर से सूर्यास्त का नज़ारा अदभुत है.यह दुर्ग एक हेरिटेज होटल है .विलियम डेरीयम्पल ने यहीं रह कर अपनी पुस्तक "सिटी ऑफ़ जिन्नस "की रचना की थी.मेडोना को भी यह जगह बहुत पसंद है.
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