अहा , ग्राम्य जीवन भी क्या है ...?re simple than village life...

Some true stories about village life

जोधपुर के आसपास ग्राम्य जीवन की झलकियाँ

गुरुवार, 17 सितंबर 2009

दादा भगवान का तिंवरी धाम

दादा भगवान का तिंवरी धाम जोधपुर से लगभग पचास किलोमीटर ओसियां रोड पर है.एक बहुत बड़े और सुंदर बगीचे में मंदिर व ध्यान केंद्र बना हुआ है.यह जोधपुर  व  राजस्थान के अनेक शहरों में बने शोपिंग मॉल के मालिक ललित जी ने बनवाया है.यह आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र है.ललितजी दादा भगवान के परम भक्त हैं.
दादा भगवान एक आध्यात्मिक गुरु हैं जो 1958 में ज्ञानी पुरुष भगवान श्री ए .एम्.पटेल के रूप में अवतरित हुए.इन्होने आत्म ज्ञान का सरल मार्ग बताया जिसे अकर्म विज्ञान कहते हैं.यह self-realisation का शोर्ट कट है.
बगीचे में जगह जगह दादा भगवान के उपदेश अंकित हैं.यह एक बहुत ही सुंदर स्थल है जहाँ मन को शांति मिलती है.

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत प्यारी जगह है... वैसे नेशनल हेंडलुम में दादा का साहित्य निशुल्क मिलता है...

    उत्तर देंहटाएं

कुछ तो कहिये हम आपकी राय जानने को बेताब हैं